जानिए अंबाजी मंदिर का पूरा इतिहास Ambaji tourist places in Hindi

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Ambaji tourist places in Hindi अंबाजी यह प्राचीन भारत का सबसे पुराना और पवित्र तीर्थ स्थान मौजूद है यह शक्ति की देवी सती को समर्पित 52 शक्तिपीठों में से एक यहां पर स्थित है गुजरात और राजस्थान की सीमा पर बनासकांठा जिले की दांता तालुका में स्थित गब्बर की पहाड़ियों पर अंबाजी माता का मंदिर स्थित है।Ambaji tourist places in Hindi

अंबाजी Ambaji tourist places in Hindi में दुनिया भर से पर्यटक आकर्षित होकर यहां पर आते हैं खासतौर पर यहां पर भाद्रपद पूर्णिमा और दिवाली पर यहां काफी सारे पर्यटक आते हैं यह स्थान अरावली पहाड़ियों से जंगलों से घिरा हुआ है यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी पहचाना जाता है।

Ambaji tourist places in Hindi
Ambaji tourist places in Hindi

अंबाजी पर्यटन स्थल हिंदी में Ambaji tourist places in Hindi

यह अरावली पर्वत की गब्बर की पहाड़ियों पर कैलाश हिल सूर्यास्त बिंदू जैसे स्थान है यहां से पर्यटक न केवल प्राकृतिक सुंदरता देख सकते हैं बल्कि रोपवे में घूम भी सकते हैं गब्बर की पहाड़ियों पर कुछ और भी धार्मिक स्थल मौजूद है यहां पर तीर्थयात्री जा सकते हैं मुख्य मंदिर के पीछे मानसरोवर नाम से एक कुंड है पवित्र कुंड के दोनों और मंदिर स्थित है एक महादेव जी का और दूसरा माता अंबाजी की बहन अजय देवी को यह मंदिर समर्पित है।

श्री कोटेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर अंबाजी मंदिर से 8 किलोमीटर की दूरी पर बसा है यह वैदिक नदी सरस्वती के मुहाने पर बसा है सरस्वती नदी और वह मुख्य पवित्र कुंड से यही जुड़ा हुआ है अंबाजी भारत का प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है जोकि हसन के तीर्थ यात्री के लिए लोकप्रिय है यहां पर काफी धार्मिक मान्यता वाले तीर्थयात्री यहां पर आते रहते हैं।

गब्बर की पहाड़ियां यह समुद्र तल से 16 फीट की ऊंचाई पर अरावली के दक्षिण पश्चिम के स्थित आरासुर पहाड़ियों पर वैदिक नदी सरस्वती के किनारे पर बसा हुआ है। गब्बर पहाड़ियों की खड़ी चढ़ाई पर चढ़ना कठिन है तीर्थ यात्रियों को नीचे से पत्थर की 300 सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है जो एक खतरनाक है मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए इन सीडीओ पर चढ़ना जरूरी होता है इस तरह आप मंदिर तक पहुंच सकते हैं।Ambaji tourist places in Hindi

अंबाजी मंदिर का पूरा इतिहास हिंदी में history of Ambaji temple in Hindi – Ambaji tourist places in Hindi

अंबाजी मंदिर को भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से माना जाता है एक मान्यता के अनुसार देवी सती का ह्रदय गब्बर पहाड़ के ऊपर गिरा था आरासुरी अंबाजी के पवित्र मंदिर जैसे कि आरासुर पर्वत पर स्थित है पावन देवी की कोई मूर्ति यहां पर नहीं है।

दिवाली के दौरान यहां पर अंबाजी मंदिर को प्रकाश और दीपों से सजाया जाता है महाराष्ट्र से भी अंबाजी मंदिर का उल्लेख है एक कहानी के अनुसार यहां पर निर्वाचन के दौरान पांडा अंबाजी की पूजा करते थे अंबाजी गुजरात और राजस्थान की सीमा पर बसा है यह गाड़ी यात्रा से 73 किलोमीटर और माउंट आबू से 45 किलोमीटर और पालनपुर से 72 किलोमीटर पर बसा है।

अंबाजी कैसे पहुंचे हिंदी में how to reach Ambaji in Hindi

अंबाजी पहुंचना काफी आसान है लेकिन अंबाजी वायु मार्ग द्वारा पहुंचने यहां पर कठिन है क्योंकि यहां का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा 180 किलोमीटर की दूरी पर बसा है यहां पर आप रेल और सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं।

अंबाजी का मौसम हिंदी में Ambaji weather in Hindi

अंबाजी यह पहाड़ियों पर बसा है किस लिए यहां का मौसम साल भर खुशनुमा होता है आप यहां पर साल भर कभी भी आ सकते हैं अगर आप फिर भी यहां पर अक्टूबर से जनवरी के बीच आएंगे तो यहां का मौसम काफी शानदार होता है।

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